February 23, 2018

गुज़रा हुआ ज़माना-शीरीं फरहाद १९५६

अमर प्रेम कथाओं में से पर बनी पीरियड फिल्म शीरीं फरहाद
में कुछ दिलकश नगमे हैं जिन्हें आप बिलकुल भी नज़र अंदाज़
नहीं कर सकते अगर आप वाकई संगीत रसिक हैं. हाँ, स्पोंसर्ड
समीक्षक हैं तो बात अलग है या आपने कसम खा रखी है कि
कुछ गिने चुने संगीतकारों के अलावा आप किसी और की प्रशंसा
नहीं करेंगे तो सवाल खड़ा ही नहीं होता किसी बात पर.

लता मंगेशकर के गाये गीतों पर चर्चा प्रस्तुत गीत के बिना अधूरी
है. इस गीत ने संगीतकार एस मोहिंदर और इस गीत के गीतकार
तनवीर नकवी को भी उम्दा गीतों के इतिहास के पन्नों में स्थान
दिलाया. अनिल बिश्वास और सी रामचंद्र के संगीत वाले लता के
गाये गीतों का जो इफेक्ट है उसमें थोड़ी सी चित्रगुप्त के ओर्केस्ट्रा
का ब्लेंड दे दीजिए और थोड़ी सी हेमंत कुमार के संगीत वाली
अंडरप्ले फिर रोशन अंदाज़ का तबला, आपको मिल गया ये गीत.

कुछ बचा है, हाँ बर्मन दादा और शंकर जयकिशन का लता से
ऊंचे स्केल पर गवाने का अंदाज़, वो भी मिला लें. इन सब पर
मधुबाला का चेहरा, कुल मिला कर क़यामत है ये गीत. गाने की
धुन इतनी मासूम है कि मेरा दावा है आप गीत के वीडियो के
अंत तक पहुँचते पहुँचते यकीन कर लेंगे कि इसे मधुबाला खुद गा
रही हैं.

ये सब तो खैर तुलना के लिए बताया गया है. एस मोहिंदर एक
प्रतिभाशाली और आलराउंडर किस्म के संगीतकार थे. गीतों की
सभी किस्मों पर उनकी समान रूप से पकड़ थी.




गीत के बोल:

गुज़रा हुआ ज़माना आता नहीं दुबारा
हाफ़िज़ खुदा तुम्हारा

खुशियाँ थीं चार पल की आँसू हैं उम्र भर के
तन्हाइयों में अक़्सर रोएंगे याद कर के
दो वक़्त जो के हमने इक साथ है गुज़ारा
हाफ़िज़ खुदा तुम्हारा

मेरी क़सम है मुझको तुम बेवफ़ा न कहना
मजबूर थी मुहब्बत सब कुछ पड़ा है सहना
तूफ़ाँ है ज़िन्दगी का अब आखिरी सहारा
हाफ़िज़ खुदा तुम्हारा

मेरे लिये सहर भी आई है रात बन कर
निकला मेरा जनाज़ा मेरी बरात बन कर
अच्छा हुआ जो तुमने देखा न ये नज़ारा
हाफ़िज़ खुदा तुम्हारा
……………………………………………………………….
Guzra hua zamana-Shirin Farhad 1956

Artist: Madhubala

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सफर मेरा है-ऐ दिल है मुश्किल २०१६

कुछ फिल्मों के नाम ऐसे हैं जो या तो पुरानी फ़िल्में अथवा
उनके गीतों की याद ता करवा देते हैं. इस फिल्म के नाम से
बम्बई शहर के उल्लेख वाला फिल्म सी आई डी का गीत याद
हो आता है. सदाबहार गीत है रफ़ी का गाया हुआ.

अमिताभ भट्टाचार्य के बोलों को सुरों में पिरोया है प्रीतम ने
और इसे गाया है हमारे बॉलीवुड के इस युग के सबसे लोकप्रिय
गायक अरिजीत सिंह ने.



गीत के बोल:

सफर मेरा है तू ही मेरी मंज़िल
तेरे बिना गुज़ारा ऐ दिल है मुश्किल
तू मेरा खुदा तू ही दुआ में शामिल
तेरे बिना गुज़ारा ऐ दिल है मुश्किल
मुझे आज़माती है तेरी कमी
मेरी हर कमी को है तू लाज़मी
जूनून है मेरा बनूं मैं तेरे क़ाबिल
तेरे बिना गुज़ारा ऐ दिल है मुश्किल

ये रूह भी मेरी ये जिस्म भी मेरा
उतना मेरा नहीं जितना हुआ तेरा
तूने दिया है जो वो दर्द ही सही
तुझसे मिला है तो इनाम है मेरा
मेरा आसमां ढूंढे तेरी ज़मीं
मेरी हर कमी को है तू लाज़मी
ज़मीं पे ना सही तो आसमां में आ मिल
तेरे बिना गुज़ारा ऐ दिल है मुश्किल

माना की तेरी मौजूदगी से
ये ज़िन्दगानी महरूम है
जीने का कोई दूजा तरीका
ना मेरे दिल को मालूम है
तुझको मैं कितनी शिद्दत से चाहूं
चाहे तो रहना तू बेखबर
मोहताज मंज़िल का तो नहीं है
ये एकतरफ़ा मेरा सफ़र
सफ़र खूबसूरत है मंज़िल से भी
मेरी हर कमी को है तू लाज़मी
अधूरा हो के भी है इश्क़ मेरा क़ामिल
तेरे बिना गुज़ारा ऐ दिल है मुश्किल
…………………………………………………..
Safar hai mera-Ae dil hai mushkil 2016

Artist: Ranvir Kapoor

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February 22, 2018

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल-कल आज और कल १९७१

कुछ गीत अपने शुरूआती शब्द से अनूठे और अलग सुनाई देते
हैं. ऐसा एक गीत है रणधीर कपूर और बबीता अभिनीत फिल्म
कल आज और कल से किशोर कुमार का गाया हुआ.

भँवरे को गीतकार समय समय पर याद कर लिया करते हैं. ये
भँवरे कविताओं और गीतों में कलियों पर ज्यादा मंडराया करते
हैं. शायद भंवरों को फूलों पर मंडराना उतना पसंद नहीं है जितना
तितलियों को.

गुंजन का अर्थ है हमिंग. धीरे धीरे गुनगुनाने को भी हम हमिंग
कहते सकते हैं और धीरे धीरे भुनभुनाने को भी. हसरत जयपुरी
के बोल हैं और शंकर जयकिशन का संगीत.



गीत के बोल:

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये

मुझे कब से थी प्यार की जुस्तजू
मेरी ज़िंदगानी में है तू ही तू
मुझे कब से थी प्यार की जुस्तजू
मेरी ज़िंदगानी में है तू ही तू
मैं आया हूँ दुनिया में तेरे लिये
मेरे दिल में झूमे तेरी आरज़ू

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
तेरे लिये आ हा हा हा तेरे लिये तेरे लिये

गगन से भी ऊँचा मेरा प्यार है
तुझी पर मिटूँगा ये इक़रार है   
गगन से भी ऊँचा मेरा प्यार है
तुझी पर मिटूँगा ये इक़रार है
तू इतना समझ ले मेरे हमसफ़र
तेरे प्यार से मेरा संसार है

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
......................................................................
Bhawre ki gunjan-Kal aaj aur kal 1971

Artists: Randhir Kapoor, Babita

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चले आओ चले आओ-मीत मेरे मन के १९९१

संभावनाओं वाले संगीतकार बाबुल बोस के संगीत निर्देशन में
बना एक और गीत सुनते हैं सन १९९१ की अनजानी सी फिल्म
मीत मेरे मन के से.

मनहर उधास और सलमा आगा की आवाज़ है. गीत को लिखा है
रवींद्र रावल ने. सलमा आगा और फिरोज़ खान पर इसे फिल्माया
गया है.



गीत के बोल:

चले आओ चले आओ
चले आओ चले आओ
कोई वादा नहीं फिर भी निगाहें राह तकती हैं
तुम्हारा वो हसीं चेहरा ये कैसे भूल सकती हैं
चले आओ चले आओ
चले आओ चले आओ

तुम्हारी एक झलक देखी मगर बेताब हैं ऐसे
बड़ी प्यारी हमारी चीज कोई खो गयी जैसे
उसी दीदार की खातिर तम्मानाएं मचलती हैं
चले आओ चले आओ

कोई वादा नहीं फिर भी निगाहें राह तकती हैं
तुम्हारा वो हसीं चेहरा ये कैसे भूल सकती हैं
चले आओ चले आओ
चले आओ चले आओ

जिसे माँगा दुआओं में जिसे चाहा ख्यालों में
मिला वो ख्वाब तक बन के हमें दिन के उजालों में
नज़र की खुशनसीबी पर ये बाहें रश्क करती है
करीब आओ करीब आओ
करीब आओ करीब आओ
..........................................................................
Chale aao chale aao-Meet mere man ke 1991

Artists: Feroz Khan, Salma Agha

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बोलो बोलो कुछ तो बोलो-दिल दे के देखो १९५९

कुछ गीत ऐसे हैं जिनके मुखड़े एक जैसे हैं. ये गीत है
फिल्म दिल दे के देखो से जिसे  मजरूह सुल्तानपुरी ने
लिखा है. आपको याद हो गर, ऋषि कपूर वाली फिल्म
ज़माने को दिखाना है का एक गीत भी ऐसे ही मुखड़े
वाला है. दिल दे के देखो फिल्म के हीरो ऋषि कपूर के
चाचा हैं.

प्रकृति में कई चीज़ों की आवाजें मिलती जुलती हैं. इस
गाने की शुरूआती बीट्स से आपको कोयले का इंजन
याद आ सकता है. गीत रफ़ी ने गाया है उषा खन्ना
की धुन पर. उषा खन्ना की बतौर स्वतंत्र संगीतकार
ये पहली हिंदी फिल्म थी. गीत में अनूठी बात ये है
कि मुखड़े की दूसरी पंक्ति हर अंतरे के बाद बदल जाती
है. ये इसकी ख़ूबसूरती है.



गीत के बोल:

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या

काहे को नज़र घबराई सी है
महफ़िल भी है तनहाई भी है
काहे को नज़र घबराई सी है
महफ़िल भी है तनहाई भी है
छुपे छुपे तुम रुके रुके हम सोचो ज़रा

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
दिल न तोड़ो गुस्सा छोड़ो
ठोकर लगे ना संभालो सनम
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या

कहाँ चले जी ज़रा हाल सुनो
किसी दिलवाले का सवाल सुनो
कहाँ चले जी ज़रा हाल सुनो
किसी दिलवाले का सवाल सुनो
वहाँ खड़े तुम यहाँ खड़े हम सोचो ज़रा

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
दिल न तोड़ो गुस्सा छोड़ो
अब तो निगाहें मिला लो सनम
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या

आपकी अदाओं का हिसाब नहीं
लाखों में हमारा भी जवाब नहीं
आपकी अदाओं का हिसाब नहीं
लाखों में हमारा भी जवाब नहीं
कम नहीं तुम कम नहीं हम सोचो ज़रा

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
दिल न तोड़ो गुस्सा छोड़ो
ऐसे ना आँचल छुडा लो सनम
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या
...................................................................
Bolo bolo kuchh to-Dil deke dekho 1959

Artists: Shammi Kapoor, Asha Parekh

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